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Monday, December 9, 2013

सर्दियों में बचें सर्दी-जुकाम से...


सर्दियों में बचें सर्दी-जुकाम से... 
         
                              यूं तो सर्दियों का मौसम सेहत बनाने का होता है, लेकिन सेहत के प्रति लापरवाही रोग आमंत्रित करने में देर नहीं लगाती। इस मौसम में ज्यादातर होने वाला रोग है सर्दी- जुकाम। सामान्यत: यह कोई बड़ा रोग नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना कभी कभी घातक सिद्ध हो सकता है। आइये जानें सर्दी- जुकाम व इससे जुड़ी कुछ बातों को-
लक्षण:-           

         सर्दी- जुकाम के लक्षण सामान्य हैं। सर्दी होने के पहले बार-बार पानी पीने की इच्छा होना, गला सूखना गले में खराश, सिर भारी होना, छींक आना, नाक में खुजली होना।
सर्दी होने के कारण :-                            

                                     मुख्यत: सर्दी-जुकाम या नजला वायरस द्वारा फैलाया जाने वाला संक्रमण है,जो श्वसन प्रणाली के अगले हिस्से पर आक्रमण करता है। हमारी नाक और गले में एक अंदरूनी परत प्रतिरोधी कवच कहलाती है। जब हमें सर्दी होती है तो इसका मतलब है कि विषाणुओं ने इस प्रतिरोधी कवच को भेदकर भीतरी कोशिकाओं पर आक्रमण कर दिया है। श्लेष्मा युक्त परत में सूजन आने से श्वसन मार्ग अवरूद्ध हो जाता है और नाक से सांस लेने में कठिनाई होती है। श्लेष्मा (नाक से बहने वाला पानी) उत्पन्न करने वाली कोशिकाएं अधिक मात्रा में स्राव करती है जो नाक द्वारा बाहर बहने लगता है। घ्रानेंद्री भी रोगग्रस्त हो जाती है, इसलिए सुगंध या दुर्गन्ध भी महसूस नहीं होती।
कैसे फैलती है सर्दी :-                            आम धारणा है कि रोगग्रस्त व्यक्ति की छींक या उसकी नाक से निकले पानी द्वारा सर्दी एक से दूसरे में फैलती है यह काफी हद तक सही है, लेकिन हाथों से हाथों का संपर्क भी इस रोग के प्रसार में प्रमुख भूमिका निभाता है। रोगी से हाथ मिलाने या उसकी स्पर्श की हुई वस्तुओं को छूने से विषाणु हमारे हाथ पर आ जाते हैं और जब हम नाक या आंख को स्पर्श करते हैं तो वे हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
बचाव एवं उपचार :- 

-- सर्दी से पीड़ित व्यक्ति के रुमाल,नेपकिन, टॉवेल आदि अलग रखें और अलग से धोएं।
-- यथासंभव गर्म पदार्थों का सेवन करें।
-- सर्दी की अधिकता में चिकित्सक के परामर्श से एंटीबायोटिक दवाएं लें।
-- खांसी,बंद नाक और बदन दर्द के लिए अलग से दवाएं ले सकते हैं।
-- सर्दी अधिक हो तो घर पर ही आराम करें।
-- जुकाम में यदि तीन दिन से ज्यादा बुखार बना रहे तो डॉक्टर को अवश्य दिखाएं। यह निमोनिया या सायनस संक्रमण भी हो सकता है।
-- गर्म पानी में कोल्ड रब डालकर भाप लें, इससे बंद नाक खुलेगी और सिर का भारीपन भी कम होगा।
-- सर्दी में घरेलू इलाज भी काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए तुलसी के पत्ते,
काली मिर्च, लौंग, अदरक का काढ़ा बनाकर पीना असरकारक होता है।



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