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Wednesday, December 28, 2011

बवासीर :- एक खतरनाक व्याधि....


बवासीर (पाइल्स Piles या मूलव्याधि) एक़ ख़तरनाक बीमारी है। बवासीर 2 प्रक़ार की होती है।

खूनी बवासीर - खुनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है,इस बवासीर में किसी प्रक़ार की तकलीफ नही होती है केवल खून आता है।

बादी बवासीर - बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है,और मस्सों में खुजली,दर्द और सूजन होती है.

-- बवासीर के कारण :

बवासीर होने का प्रमुख कारण है लम्बे समय तक कठोर कब्ज बने रहना। जिन्हें भारी वजन उठाने पड़ते हों,- जैसे कुली, मजदूर, भारोत्तलक आदि उनमें भी इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक होती है। शराब, मांस, अण्डा, प्याज , लहसुन, मिर्च, मसाले का अति सेवन, रात्रि जागरण. किसी जुलाब की गोली का अधिक दिनॊ तक सेवन करना . आहार - विहार मे अनिमियता. इसके साथ ही जंक फ़ूड का बढता हुआ चलन और व्यायाम का घटता महत्व भी बवासीर के रोगियों को बड़ा रहा है.

-- चिकित्सा :

- सबसे पहले कब्ज दूर कर मल त्याग को सामान्य और नियमित करना जरूरी है। इसके लिए तरल पदार्थों,फलों, हरी सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए। तली हुई चीजें, मिर्च-मसालेदार,गरिष्ठ भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।अनियमित दिनचर्या से बचना चाहिए.मलत्याग के समय जोर न लगाना चाहिए. नियमित व्यायाम और शारिरिक गतिशीलता को बनाये रखना चाहिए ।

- सुबह-शाम शौच जाना लाभकारी है. शौच के बाद स्वमूत्र से गुदा को धोना चाहिए। एक शीशी या डिब्बे में अपना मूत्र लेकर रख लेना चाहिए। इसके बाद गुदा को पुनः पानी से नहीं धोना है सिर्फ हाथ धो लेना है। गुदा में लगा मूत्र थोड़ी ही देर में सूख जाता है।यह उपाय गुणकारी है. बवासीर की प्रारंभिक अवस्था में यह प्रयोग करने से बवासीर से छुटकारा मिल जाता है।

- सुबह, शाम व सोते समय रूई के फाहे को 'कासीसादि तेल' में डुबोकर गुदा के मस्सों पर 3-4 माह तक या पूरा आराम होने तक प्रतिदिन लगाएं.

- एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह- शाम शहद के साथ लेने से बवासीर में लाभ मिलता है,इससे पेट के अन्य रोग भी दूर होते है.

- ताजा मक्खन और काले तिल दोनो एक - एक ग्राम को मिलाकर खाने से बवासीर में फ़ायदा होता है.


Monday, July 18, 2011

रोग निवारक 10 रामबाण नुस्खे...


1 . अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कब्ज से परेशान रोगी के लिये रामबाण औषधि है। इन फ़लों में पर्याप्त रेशा होता है तथा ये आंतों को शक्ति प्रदान करते हैं। मल आसानी से विसर्जित होता है.

2 . प्रतिदिन एक लहसुन की कली चबाकर खाने से दांत- दर्द से छुटकारा मिलता है.

3 . नीबू हृदय रोगों में गुणकारी फ़ल है। यह रक्तवाही नलिकाओं में कोलेस्टरोल जमने नहीं देता है। एक गिलास सामान्य गर्म पानी में एक नीबू निचोडें ,इसमें 2 चम्मच शहद मिलाएं और पी जाएं। यह प्रयोग सुबह करना चाहिये.

4 .
पीसी हुई अलसी को ठंडे पानी में मिलाकर उसका लेप बनाकर सर के ऊपर लगाने से सिर दर्द से राहत मिलती है .

5. खांसी में तुलसी की पत्तियों व अदरक को पीसकर शहद के साथ मिलाकर चाटने से लाभ मिलता है.

6. सर्दी - जुकाम होने पर तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से राहत मिलती है। तुलसी का अर्क तेज बुखार को कम करने में भी कारगर साबित होता है.

7 . पुदीने के २ चम्मच रस में काला नमक डालकर पीने से उदर विकार,गैस तथा पेट के कीडे नष्ट हो जाते हैं.

8 .
नीम की छाल पानी में घिस कर फोडे-फुंसियों पर लगाने से ठीक हो जाते हैं.

9 . रात में सोते समय पैरों के तलवों में सरसों का तेल लगाने से अनिद्रा से छुटकारा मिलता है.

10 .
रात में सोने से पहले सरसों के तेल को नाभि पर लगाने से होंठ नहीं फटते हैं .


Wednesday, June 1, 2011

हैप्पी केमिकल

लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनामिक्स के विशेषज्ञों के मुताबिक ५ एच टी टी जीन हैप्पी केमिकल का स्राव करता है, जिससे किसी की ख़ुशी व गम का निर्धारण होता है.

Sunday, January 23, 2011

इन उपायों से हटायें कब्ज का कब्जा...

कब्ज, पाचन तन्त्र की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें मल बहुत कडा हो जाता है तथा मलत्याग में बहुत मुश्किल होती है। कब्ज अमाशय की स्वाभाविक परिवर्तन की वह अवस्था है, जिसमें मल निष्कासन की मात्रा कम हो जाती है, मल कड़ा हो जाता है, उसकी आवृति घट जाती है या मल निष्कासन के समय अत्यधिक बल का प्रयोग करना पड़ता है।

कब्ज के मुख्य कारण:-
  • कम रेशायुक्त आहार लेना.
  • शरीर में पानी की कमी.
  • शारीरिक श्रम की कमी.
  • बड़ी आंत में घाव या चोट.
  • मोटापा.
  • तनाव.
  • अनियमित दिनचर्या.
  • पोटेशियम और कैलेशियम की कम मात्रा.
  • मधुमेह के रोगियों में पाचन संबंधी समस्या .
कब्ज दूर करने के उपाय :-
  • अधिक से अधिक रेशायुक्त आहार का सेवन करना.
  • ताजे फल व सब्जियों का अधिक सेवन करना.
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना.
  • नियमित व्यायाम, योगासन व सुबह कुछ देर टहलने की आदत डालना.
  • गरिष्ठ, बासी व बाजारी खाद्य पदार्थों का सेवन नही करना.
  • नियमित दिनचर्या रखना.
  • उचित आहार-विहार रखना.
कब्ज भगाने के कुछ विशिष्ट प्रयोग :-

- २ चम्मच ईसबगोल 6 घंटे पानी में भि‍गोकर इतनी ही मि‍श्री मि‍लाकर पानी के साथ लेने से कब्ज से राहत मिलती है . केवल मि‍श्री और ईसबगोल मि‍ला कर बि‍ना भि‍गोये भी ले सकते हैं।

- सोते समय आधा चम्मच पि‍सी हुई सौंफ की फंकी गर्म पानी से लेने से कब्ज दूर होती है।

- त्रिफला चूर्ण चार ग्राम (एक चम्मच भर), २०० ग्राम हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होता है।

- दो संतरों का रस खाली पेट प्रातः ८-10 दिन पीने से पुराना से पुराना अथवा बिगड़ा हुआ कैसा भी कब्ज हो, ठीक हो जाता है।

- अगर कब्ज के कारण पेट में बहुत तेज दर्द है, तो एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच कैस्टर ऑयल डालकर पीने से तुरंत आराम मिलता है .

- रात को किशमिश या अंजीर पानी में भिगोकर रख दें और उसे अगले दिन प्रातः इन्हें खाली पेट खाने से भी कब्ज दूर होता है.

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रात्रि को सोने से पहले एक चम्मच शुद्ध शहद एक गिलास ताजे पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से पीने से कब्ज दूर होता है ।

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प्रातःकाल बिना कुछ खाए चार दाने काजू, 5 दाने मनुक्का के साथ खाने से भी कब्ज में लाभ होता है।

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पका हुआ बिल्व (बेल) फ़ल कब्ज के लिये श्रेष्ठ औषधि है। इसे पानी में उबालें। फ़िर मसलकर रस निकालकर नित्य ७ दिन तक पीने से फायदा होता है.

- अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कब्ज रोगी के लिये अमॄत समान है। इन फ़लों में पर्याप्त रेशा होता है और आंतों को शक्ति देते हैं। मल आसानी से निष्कासित होता है।इनका सेवन अवश्य करना चाहिए.

- नींबू कब्ज में गुणकारी है। गुनगुने गरम जल में एक नींबू निचोडकर दिन में २-३बार पियें।लाभ होता है ।

- हर रोज 1-2 गिलास जूस सहित कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पियें। अपने भोजन में अनाज, ताजी-रेशेदार फल व हरी सब्जियों का सेवन अधिक करें.प्रतिदिन योग- व्यायाम करें – सुबह-शाम टहलना व्यायाम की अच्छी शैली है। व्यायाम एवं अच्छी शारीरिक स्थिति पेट साफ रखने में सहायता करती है।

Sunday, September 21, 2008

घर का डॉक्टर:- चोकर (दिलाए रोगों से मुक्ति)

सामान्यतः गेहूं का आटा छानने के बाद जो चोकर निकलता है,उसे व्यर्थ समझकर फेंक दिया जाता है,जबकि चोकर व्यर्थ नहीं बल्कि पौष्टिक तत्वों से भरपूर होने के कारण प्रयोग करने योग्य होता है.कब्ज दूर करने,पाचन शक्ति ठीक रखने और नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए चोकर का सेवन करना अत्यन्त लाभदायक होता है. चोकर के प्रयोग से बिना दवाइयों के ही अनेक व्याधियों से छुटकारा पाया जा सकता है.

गेहूं के चोकर के विविध प्रयोग:-

  • चोकर की रोटी :-गेहूं के प्रति किलो आटे में १०० ग्राम चोकर मिला लें और इस आटे की रोटी बनाकर खाएं. इससे अपच,कब्ज और उदर विकारों से छुटकारा मिलता है.
  • चोकर का दलिया :-चोकर को शुद्ध घी में भूनकर रख लें.आवश्यक मात्रा में चोकर लेकर पानी में डालकर उबालें.मीठा बनाने के लिए उबलते समय उचित मात्रा में गुड मसलकर डाल दें और नीचे उतारकर घोलते हुए चिरोंजी, किशमिश, कटे हुए छुहारे डाल दें. अति स्वादिष्ट ,सुपाच्य, लाभकारी और साथ ही पौष्टिक चोकर का दलिया तैयार है.
  • चोकर की चाय :- ५ कप पानी में २५ ग्राम चोकर लेकर तुलसी के १०-११ पत्ते और मुनक्का के १०-११ दाने डालकर अच्छी तरह से उबालें.मीठा करने के लिए इसमें शक्कर डाल दें.यह चाय भूख मारने और नींद उडाने वाली नहीं बल्कि शारीरिक विकारों को दूर कर विटामिन बी प्रदान कर शरीर को स्फूर्ति व शक्ति देने वाली है.
  • चोकर का उबटन :- जितना चोकर लें उससे दुगुने पानी में चोकर को भिगोकर एक घंटे तक रखा रहने दें.स्नान से पहले इस चोकर को पूरे शरीर पर लगाकर खूब मसलें और स्नान कर लें.आपकी त्वचा रेशम सी चिकनी,चमकदार और मुलायम हो जायेगी.

चिट्ठाजगत पर सम्बन्धित: चोकर, कब्ज, नेत्र, अपच, तुलसी, विकार, घी, चाय, त्वचा, उबटन,

Monday, May 5, 2008

जब आप परेशान हों

  • यदि आप पेट दर्द से परेशान हों तो आधा चम्मच जीरा और एक चम्मच चीनी धीरे-धीरे चबाये राहत मिलेगी।
  • यदि आपको भूख कम लगती हों तो प्याज के रस में करेले का रस मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें।
  • यदि आप गठिया रोग से ग्रस्त हैं तो लहसुन के रस में कपूर मिलाकर मालिश करें,आराम मिलेगा।
  • यदि आपको कब्ज की शिकायत हो तो पका पपीता खूब खाएं,कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर खाना भी लाभदायक होता है।
  • प्रतिदिन प्रात: तुलसी की ५-६ पत्तियों का सेवन करें,इसके अनेक लाभ होते हैं,याददास्त बढ़ती है।
  • सोयाबीन की अधिक मात्रा मे सेवन बालों के लिए अत्यन्त फायदेमंद है,क्योंकि इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है,और प्रोटीन बालों के लिए काफी लाभदायक है।
  • यदि आपके मुंह में छाले हो गए हों तो पानी में फिटकरी मिलाकर कुल्ला करें।
  • रात को पानी में भिगोए त्रिफला चूर्ण से सुबह उठकर आंखों को धोने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
  • आधा चम्मच अदरक का रस और चम्मच शहद चाटने से खांसी में आराम मिलाता है।
  • दाद, खाज-खुजली और फुंसी होने पर संतरे का रस पीने और ताजे छिलकों को त्वचा पर रगड़ने से लाभ होता है.

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