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Thursday, December 27, 2012

फेस केअर टिप्स (FACE CARE TIPS) :-


    फेस केअर टिप्स (FACE CARE TIPS) :-

  • बेसन,गुलाब जल और नारियल तेल को मिलाकर त्वचा में लगाने से त्वचा में निखार आता है।

  • मक्खन और हल्दी को मिलाकर चेहरे में लगाने से चेहरे में निखार आता है।

  • लौंग को पिसकर पानी में घोलकर उसे चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे मिट जाते हैं।

  • तुलसी पत्ते के रस में एक चौथाई भाग नींबू का रस मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है।

  • मुल्तानी मिट्टी और नीम का रस,दोनों को मिलकर लगाने से चेहरे के कील-मुंहासे मिट जाते हैं और त्वचा निखर जाता है।

Saturday, June 7, 2008

फेस केअर टिप्स (face care tips)



  • बेसन,गुलाब जल और नारियल तेल को मिलाकर त्वचा में लगाने से त्वचा में निखार आता है।

  • मक्खन और हल्दी को मिलाकर चेहरे में लगाने से चेहरे में निखार आता है।

  • लौंग को पिसकर पानी में घोलकर उसे चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे मिट जाते हैं।

  • तुलसी पत्ते के रस में एक चौथाई भाग नींबू का रस मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है।

  • मुल्तानी मिट्टी और नीम का रस,दोनों को मिलकर लगाने से चेहरे के कील-मुंहासे मिट जाते हैं और त्वचा निखर जाता है।

Thursday, May 8, 2008

कैसा हो गर्मियों में आपका आहार ?

हमारे शरीर और स्वास्थ्य पर आहार-विहार के अलावा ऋतु और जलवायु का भी प्रभाव पड़ता है,इसलिए स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ऋतु और जलवायु के अनुकूल आहार-विहार करना अत्यन्त आवश्यक है।
विशेष रूप से ग्रीष्म ऋतु में आहार-विहार पर खास ध्यान देना चाहिए।बिना आहार-विहार का ध्यान रखे ग्रीष्म ऋतु का सही आनंद नहीं उठाया जा सकता, क्योंकि आहार-विहार के असंतुलन से व्याधि ग्रस्त होने की आशंकाएं बढ़ जाती है.इसलिए गर्मियों में इन बातों का खासतौर से ध्यान रखें:-

  • गर्मियों में इस बात का सदैव ध्यान रखें की आपके शरीर में पानी की कमी न होने पाएं,इसके लिए थोड़े-थोड़े अंतराल पर शीतल जल अवश्य ग्रहण करें।दिन भर में १०-१२ गिलास पानी जरूर पीना चाहिए.
  • आहार में सुपाच्य,ताजे ,हल्के,रसीले और सादे पदार्थों का ही सेवन करना चाहिए।तले हुए,खट्टे,तेज मिर्च व मसालेदार,भारी और गर्म प्रकृति के पदार्थों का सेवन यदा-कदा और कम मात्रा मे ही करना चाहिए. यदिइनका सेवन न करें तो और भी अच्छा रहेगा।
  • इस ऋतु में भूख सहन करना यानि देर से भोजन करना शरीर में दुर्बलता और कमजोरी लाने वाला होता है,इसलिए निश्चित समय पर अच्छी तरह चबा-चबाकर ही भोजन करना चहिये।
  • गर्मी के मौसमी फलों जैसे तरबूज,खरबूजा,खीरा,ककडी,फालसा,संतरा,अंगूर तथा लीची आदि का सेवन अवश्यकरें,ये फल शरीर को तरावट और शीतलता पहुँचाने में मददगार होंगे।
  • नींबू की मीठी सिकंजी,कच्चे आम का पना,दूध-पानी की मीठी लस्सी,पतला सत्तू,फलों का जूस,ग्लूकोज तथाशरबत तरावट के लिए जरूर पियें।बेल का शरबत तथा ठंडाई आदि के सेवन से भी गर्मी में राहत मिलती है.
  • सेहत की दृष्टि से सेब,बेल और आवले का मुरब्बा,गुलकंद,आगरे का पेठा खाना लाभप्रद सिद्ध होता है।
  • घर में पुदीन हरा,ग्लूकोज,इलेक्ट्रोल आदि जरूर रखे।दस्त आदि की दवाएं तथा फर्स्ट एड बॉक्स रखना भीजरूरी है.
  • इस ऋतु में लोग सुबह देर तक सोये रहना पसंद करते है,जो शरीर,स्वास्थ्य और चेहरे की सुन्दरता खास करके आंखों के लिए बहुत हानिकारक होता है,इसलिए सुबह देर तक सोये रहना और देर रात तक जागना कदापि उचित नहीं.

Sunday, May 4, 2008

बेल:आरोग्य का खजाना

ग्रीष्म ऋतु में बेल के फल का महत्वपूर्ण स्थान है।अनेक व्यक्ति गर्मियों में नियमित रूप से इसके रस का सेवन करते हैं.
  • कलमी,सुपक्व,मधुर बेल के गूदे को सुबह मिट्टी के बर्तन में रखकर पानी डाल दिया जाता है।तीन-चारघंटे में पानी बहुत ठंडा हो जाता है.पानी में बेल के गुदे की मिठास,रंग,स्वाद और सुगंध का पूरा प्रभाव उतर जाता है.इस पानी का सेवन स्वास्थ्यवर्धक है.
  • साधारण आहार के अलावा बेल के गुदे में एक विशेष धातु के गुण होते हैं।
  • छाल और पत्तों के रस का जहाँ औषधियों में प्रयोग होता है,वहीं कच्चे फल के गुदे का अग्नि और मिटटी के साथ अथवा सूखे गूदे को कांजी के मिश्रण के मध्य रूप में प्रयोग किया जाता है।
  • बेल के वृक्ष के मुख्य अवयव जड़ के निकट की छाल काप्रसिद्ध मिश्रण "वशमूल" में उपयोग किया जाता है।
  • बेल के जड़ की छाल त्रिदोषनाशक (वात-पित्त-कफ),मीठी व हल्की होती है।बेल भारी,मल को बांधने वाला तथा पेट कीअग्नि को तीव्र करने वाला होता है.पका फल भारी,मीठा,तीखा,गर्मी बढाने वाला तथा त्रिदोषनाशक होता है.
  • कच्चे बेल की सूखी गिरी को कांजी में भिगोकर सेवन करने से चेहरे पर तेज आता है और दिल की बीमारियों में भी फायदा होता है।
  • तेज बुखार में बेल के पत्तों को पीसकर सिर पर लेप करना फायदेमंद होता है।
  • बुखार तथा साँस के रोगको नियंत्रित करने के लिए बेल के जड़ की छाल का काढा पिलाना लाभप्रद होता है।
  • तेज बुखार को कम करने के लिए बेलपत्र का काढा या बेलपत्र को पानी के साथ देना हितकर होता है.

Tuesday, April 29, 2008

ऐसे पाएं गर्मी से निजात



भले ही गर्मी अपने चरमोत्कर्ष पर है,पर ऐसे में घर पर भी तो बैठा नहीं जा सकता।नौकरी,कैरिअर, सामाजिकसम्पर्क आदि कायम रखने बाहर तो निकलना ही पड़ता है। गर्मी से सुरक्षित रहते हुए बाहर आने-जाने के बारे में सुझाव प्रस्तुत है:-

  • गर्मी के रोगों से बचने के लिए प्रतिदिन सुबह मुंह धोने के बाद एक गिलास नींबू पानी पी लें।चेहरेकी चमक बनी रहे इसके लिए दिन भर में १०-१५ गिलास पानी जरुर पियें.शरीर में पानी की कमी बिल्कुल न होने दें.
  • इस ऋतु के फल शरीर के लिए वरदान हैं।दूध,आम व सेब का रस अतिरिक्त लाभ पहुँचाता है.जलजिरा,कच्चे आम का पना व रस,प्याज,मट्ठा व दही शीतलता देने के साथ-साथ लू से भी बचाते हैं.
  • नशीले पदार्थ गर्मी को और अधिक बढाते हैं।सिगरेट,शराब,चाय,काफी,मसालेदार तली-भुनी चीजों की जगह हरी सब्जियां व फलों पर अधिक ध्यान दें.
  • सप्ताह में एक बार मालिश अवश्य करें।जैतून या नारियल के तेल का प्रयोग करें,इससे शरीर लचीला व कोमल बना रहेगा.सुबह जल्दी ही ठंडे पानी से नहाये और शाम को भी नहाये,इससे शरीर में चुस्ती बनी रहेगी.
  • गहरा मेकअप इन दिनों बिल्कुल न करें।एक तो पसीने से यह आपके सौंदर्य को बढ़ाने की अपेक्षाकम कर देगा,दूसरा इससे गर्मी अधिक लगेगी.बिल्कुल हल्का मेकअप सौंदर्य को निखारेगा.
  • ठंड से गरम व गरम से एकदम ठंडे वातावरण मे न जायें,इससे लू लगने की सम्भावना बढ़ जाती है।बाहर निकलते समय शरीर को ढककर निकलें व नंगे पैर बिल्कुल न निकलें.
  • सूरज की तेज रोशनी सीधे आंखों को प्रभावित करती है.आंखों के बचाव के लिए जब भी धुप में निकलें चश्मा अवश्य लगाएं.
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