कच्चा आंवला कूट-पीस कर मुंहासे के दाग पर लगाकर मसलने से मुंहासों के दाग दूर हो जाते हैं.
" संसार में स्वास्थ्य से बढकर कुछ भी नहीं. कहा भी गया है - 'प्रथम सुख निरोगी काया '. जब हम शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होंगे तभी संसार के किसी भी सुख का आनन्द ले सकेंगे और इसके लिए आवश्यक है अपने स्वाथ्य की रक्षा करना, और फिर बीमार पड़कर इलाज कराने से बेहतर यही है की बीमार पड़ने से बचने के प्रयास किये जाये. इस ब्लॉग में स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न विषयों पर बहुमूल्य जानकारी दी गई है जो आपके स्वास्थ्य की देखभाल करने में काफी मददगार साबित होगी." " सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:"
Thursday, January 26, 2012
Thursday, January 5, 2012
अधिक दस्त होने पर यह नुस्खा आजमायें :-
-- मेथी के पत्तों का रस 50 ग्राम.
-- 15 -20 ग्राम मिश्री.
इस दोनों को मिलाकर पी जाएँ . सुबह-शाम दो बार पियें. यह उपाय दस्त रोकने में फायदेमंद है.
Wednesday, December 28, 2011
बवासीर :- एक खतरनाक व्याधि....
खूनी बवासीर - खुनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है,इस बवासीर में किसी प्रक़ार की तकलीफ नही होती है केवल खून आता है।
बादी बवासीर - बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है,और मस्सों में खुजली,दर्द और सूजन होती है.
-- बवासीर के कारण :
बवासीर होने का प्रमुख कारण है लम्बे समय तक कठोर कब्ज बने रहना। जिन्हें भारी वजन उठाने पड़ते हों,- जैसे कुली, मजदूर, भारोत्तलक आदि उनमें भी इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक होती है। शराब, मांस, अण्डा, प्याज , लहसुन, मिर्च, मसाले का अति सेवन, रात्रि जागरण. किसी जुलाब की गोली का अधिक दिनॊ तक सेवन करना . आहार - विहार मे अनिमियता. इसके साथ ही जंक फ़ूड का बढता हुआ चलन और व्यायाम का घटता महत्व भी बवासीर के रोगियों को बड़ा रहा है.
-- चिकित्सा :
- सबसे पहले कब्ज दूर कर मल त्याग को सामान्य और नियमित करना जरूरी है। इसके लिए तरल पदार्थों,फलों, हरी सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए। तली हुई चीजें, मिर्च-मसालेदार,गरिष्ठ भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।अनियमित दिनचर्या से बचना चाहिए.मलत्याग के समय जोर न लगाना चाहिए. नियमित व्यायाम और शारिरिक गतिशीलता को बनाये रखना चाहिए ।
- सुबह-शाम शौच जाना लाभकारी है. शौच के बाद स्वमूत्र से गुदा को धोना चाहिए। एक शीशी या डिब्बे में अपना मूत्र लेकर रख लेना चाहिए। इसके बाद गुदा को पुनः पानी से नहीं धोना है सिर्फ हाथ धो लेना है। गुदा में लगा मूत्र थोड़ी ही देर में सूख जाता है।यह उपाय गुणकारी है. बवासीर की प्रारंभिक अवस्था में यह प्रयोग करने से बवासीर से छुटकारा मिल जाता है।
- सुबह, शाम व सोते समय रूई के फाहे को 'कासीसादि तेल' में डुबोकर गुदा के मस्सों पर 3-4 माह तक या पूरा आराम होने तक प्रतिदिन लगाएं.
- एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह- शाम शहद के साथ लेने से बवासीर में लाभ मिलता है,इससे पेट के अन्य रोग भी दूर होते है.
- ताजा मक्खन और काले तिल दोनो एक - एक ग्राम को मिलाकर खाने से बवासीर में फ़ायदा होता है.
Saturday, December 24, 2011
बड़े काम का मक्खन
लेबल:
2008,
एंटी कैंसर,
गुण,
ट्यूमर,
फंगल,
मक्खन,
यूनीवर्सिटी,
शोध,
संक्रमण
Thursday, December 1, 2011
WORLD AIDS DAY SPECIAL :- Things to be done even if one is HIV Positive
-- Good nutrition
-- Quit smoking
-- Exercise
-- Take life easy-reduce stress levels
-- Avoid alcohol and drugs,these weaken your resistance to infection
-- Relax-get enough sleep and rest
-- Hygiene- Maintain good personal hygiene to prevent other infections from setting in
-- Safe sex-persistent use of condom is a MUST.
Monday, November 7, 2011
Saturday, October 22, 2011
प्याज - 13 प्रकार के बैक्टीरिया रोकने में सहायक...
ई-कोलाई,
सेलेमोनेला,
बैसीलस सबतिलिस.
-- प्रतिदिन प्याज खाने से मुंह में होने वाली अनेक रोगों से बचा जा सकता है.
लेबल:
ई-कोलाई,
क्षमता,
प्याज,
बचाव,
बैक्टीरिया,
मुख्य,
मुंह के रोग
Saturday, September 24, 2011
पाचन तन्त्र को मजबूत बनाती है इमली...
लेबल:
इमली,
एंटी ओक्सीडेंटस,
डाईट,
पाचन तन्त्र,
फाइबर,
बीमारी,
मजबूत,
लीवर
Sunday, September 18, 2011
आश्चर्यजनक ह्रदय...
Monday, August 29, 2011
रक्त में ऐसे बढ़ाएं RBC यानि लाल रक्त कोशिकाएं.
लेबल:
RBC,
करेला,
खाली पेट,
नींबू,
ब्लड,
मेटाबालिज्म,
रक्त,
रस,
लाल रक्त कोशिकाए,
शरीर
Monday, July 18, 2011
रोग निवारक 10 रामबाण नुस्खे...
1 . अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कब्ज से परेशान रोगी के लिये रामबाण औषधि है। इन फ़लों में पर्याप्त रेशा होता है तथा ये आंतों को शक्ति प्रदान करते हैं। मल आसानी से विसर्जित होता है.
2 . प्रतिदिन एक लहसुन की कली चबाकर खाने से दांत- दर्द से छुटकारा मिलता है.
3 . नीबू हृदय रोगों में गुणकारी फ़ल है। यह रक्तवाही नलिकाओं में कोलेस्टरोल जमने नहीं देता है। एक गिलास सामान्य गर्म पानी में एक नीबू निचोडें ,इसमें 2 चम्मच शहद मिलाएं और पी जाएं। यह प्रयोग सुबह करना चाहिये.
4 . पीसी हुई अलसी को ठंडे पानी में मिलाकर उसका लेप बनाकर सर के ऊपर लगाने से सिर दर्द से राहत मिलती है .
5. खांसी में तुलसी की पत्तियों व अदरक को पीसकर शहद के साथ मिलाकर चाटने से लाभ मिलता है.
6. सर्दी - जुकाम होने पर तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से राहत मिलती है। तुलसी का अर्क तेज बुखार को कम करने में भी कारगर साबित होता है.
7 . पुदीने के २ चम्मच रस में काला नमक डालकर पीने से उदर विकार,गैस तथा पेट के कीडे नष्ट हो जाते हैं.
8 . नीम की छाल पानी में घिस कर फोडे-फुंसियों पर लगाने से ठीक हो जाते हैं.
9 . रात में सोते समय पैरों के तलवों में सरसों का तेल लगाने से अनिद्रा से छुटकारा मिलता है.
10 . रात में सोने से पहले सरसों के तेल को नाभि पर लगाने से होंठ नहीं फटते हैं .
लेबल:
अनिद्रा,
कब्ज,
कोलेस्ट्रोल,
दांत-दर्द,
फोड़े-फुंसी,
बुखार,
सिर-दर्द
Wednesday, June 1, 2011
नींद पर शोध
नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक शोध के अनुसार नींद पूरी न होने की स्थिति में व्यक्ति भले ही जागा हुआ हो,लेकिन उसके मस्तिष्क का एक हिस्सा सोया रहता है. इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है.
हैप्पी केमिकल
लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनामिक्स के विशेषज्ञों के मुताबिक ५ एच टी टी जीन हैप्पी केमिकल का स्राव करता है, जिससे किसी की ख़ुशी व गम का निर्धारण होता है.
Sunday, March 27, 2011
तेज दिमाग चाहिए,तो अखरोट खाइए...
अखरोट में काफी मात्रा में ओमेगा-3 फैट, प्रोटीन और एंटी-ओक्सिडेंट पाए जाते हैं जो कैंसर से बचाते हैं. इसे ब्रेन फ़ूड भी कहते हैं, क्योंकि ओमेगा-3 फैट दिमाग की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाता है.
Sunday, January 23, 2011
इन उपायों से हटायें कब्ज का कब्जा...
कब्ज, पाचन तन्त्र की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें मल बहुत कडा हो जाता है तथा मलत्याग में बहुत मुश्किल होती है। कब्ज अमाशय की स्वाभाविक परिवर्तन की वह अवस्था है, जिसमें मल निष्कासन की मात्रा कम हो जाती है, मल कड़ा हो जाता है, उसकी आवृति घट जाती है या मल निष्कासन के समय अत्यधिक बल का प्रयोग करना पड़ता है।कब्ज के मुख्य कारण:-
- कम रेशायुक्त आहार लेना.
- शरीर में पानी की कमी.
- शारीरिक श्रम की कमी.
- बड़ी आंत में घाव या चोट.
- मोटापा.
- तनाव.
- अनियमित दिनचर्या.
- पोटेशियम और कैलेशियम की कम मात्रा.
- मधुमेह के रोगियों में पाचन संबंधी समस्या .
- अधिक से अधिक रेशायुक्त आहार का सेवन करना.
- ताजे फल व सब्जियों का अधिक सेवन करना.
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना.
- नियमित व्यायाम, योगासन व सुबह कुछ देर टहलने की आदत डालना.
- गरिष्ठ, बासी व बाजारी खाद्य पदार्थों का सेवन नही करना.
- नियमित दिनचर्या रखना.
- उचित आहार-विहार रखना.
- २ चम्मच ईसबगोल 6 घंटे पानी में भिगोकर इतनी ही मिश्री मिलाकर पानी के साथ लेने से कब्ज से राहत मिलती है . केवल मिश्री और ईसबगोल मिला कर बिना भिगोये भी ले सकते हैं।
- सोते समय आधा चम्मच पिसी हुई सौंफ की फंकी गर्म पानी से लेने से कब्ज दूर होती है।
- त्रिफला चूर्ण चार ग्राम (एक चम्मच भर), २०० ग्राम हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होता है।
- दो संतरों का रस खाली पेट प्रातः ८-10 दिन पीने से पुराना से पुराना अथवा बिगड़ा हुआ कैसा भी कब्ज हो, ठीक हो जाता है।
- अगर कब्ज के कारण पेट में बहुत तेज दर्द है, तो एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच कैस्टर ऑयल डालकर पीने से तुरंत आराम मिलता है .
- रात को किशमिश या अंजीर पानी में भिगोकर रख दें और उसे अगले दिन प्रातः इन्हें खाली पेट खाने से भी कब्ज दूर होता है.
- रात्रि को सोने से पहले एक चम्मच शुद्ध शहद एक गिलास ताजे पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से पीने से कब्ज दूर होता है ।
- प्रातःकाल बिना कुछ खाए चार दाने काजू, 5 दाने मनुक्का के साथ खाने से भी कब्ज में लाभ होता है।
- पका हुआ बिल्व (बेल) फ़ल कब्ज के लिये श्रेष्ठ औषधि है। इसे पानी में उबालें। फ़िर मसलकर रस निकालकर नित्य ७ दिन तक पीने से फायदा होता है.
- अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कब्ज रोगी के लिये अमॄत समान है। इन फ़लों में पर्याप्त रेशा होता है और आंतों को शक्ति देते हैं। मल आसानी से निष्कासित होता है।इनका सेवन अवश्य करना चाहिए.
- नींबू कब्ज में गुणकारी है। गुनगुने गरम जल में एक नींबू निचोडकर दिन में २-३बार पियें।लाभ होता है ।
- हर रोज 1-2 गिलास जूस सहित कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पियें। अपने भोजन में अनाज, ताजी-रेशेदार फल व हरी सब्जियों का सेवन अधिक करें.प्रतिदिन योग- व्यायाम करें – सुबह-शाम टहलना व्यायाम की अच्छी शैली है। व्यायाम एवं अच्छी शारीरिक स्थिति पेट साफ रखने में सहायता करती है।
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