Tuesday, May 6, 2014

क्यों आती है छींक ?


क्यों आती है छींक ?

जब भी किसी व्यक्ति को छींक आती है, यह कहा जाता है कि उसे या तो सर्दी है या फिर एलर्जी है। लेकिन ऐसा होता नहीं है। आइये जानें कि हमें छींक क्यों आती है।
छींक वास्तव में शरीर की एक जटिल प्रतिक्रिया होती है। छींक तब आती है, जब नाक की तंत्रिकाएं नाक की झिल्ली पर सूजन, छोटे-छोटे कण या कोई ऐसा पदार्थ देखती है, जो एलर्जी कर सकते हैं, तो उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करती हैं। यही प्रतिक्रिया छींक के रुप में बाहर आती है। 
छींकने के लिए चिकित्सा विज्ञान में 'स्टर्नुटेशन' शब्द का प्रयोग किया जाता है और यह माना जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की नाक में स्टर्नुटेशन कारक तत्व जैसे- काली मिर्च, ठंडी हवा या धूल चली जाए, तो नाक की तंत्रिकाएं दिमाग को इसकी जानकारी देती हैं। दिमाग,गले, छाती और पेट को एक निर्दिष्ट तरीके से अपने को सिकोड़ने को कहता है, जिससे ये तत्व जल्दी से जल्दी शरीर से बाहर निकालें जा सकें। जब दिमाग से भेजे गये सन्देश का पालन होता है, तब छींक आती है।

Sunday, January 19, 2014

उच्च रक्तचाप या हाइपर टेंशन :-

                 
                      एक स्वस्थ व्यस्क का रक्तचाप 100/60 से 140/90mmhg के बीच होता है। यदि लगातार दो बार जांच से यह 140/90 mmhg से अधिक हो, तो उच्च रक्तचाप या हाइपर टेंशन की स्थिति बनती है। यह हृदय और रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों पर जोर डालता है और कोरोनरी आर्टरी डिसीस या कोरोनरी हृदय रोग के कारण बनते हैं।
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