General Health Treatment
" संसार में स्वास्थ्य से बढकर कुछ भी नहीं. कहा भी गया है - 'प्रथम सुख निरोगी काया '. जब हम शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होंगे तभी संसार के किसी भी सुख का आनन्द ले सकेंगे और इसके लिए आवश्यक है अपने स्वाथ्य की रक्षा करना, और फिर बीमार पड़कर इलाज कराने से बेहतर यही है की बीमार पड़ने से बचने के प्रयास किये जाये. इस ब्लॉग में स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न विषयों पर बहुमूल्य जानकारी दी गई है जो आपके स्वास्थ्य की देखभाल करने में काफी मददगार साबित होगी." " सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:"
Saturday, May 5, 2012
Wednesday, March 28, 2012
नींद की दवाई बढ़ाती है कैंसर का खतरा..
ओहियो विश्वविद्यालय के डा. डेनियल क्रिप्क ने 10 ,500 लोगों पर यह शोध किया जिनकी औसत उम्र 54 वर्ष थी. इन सभी को औसतन 2.5 साल से डॉक्टर नींद की दवाइयां दे रहे थे. इन सभी में कैंसर होने की आशंका अधिक पाई गई. सबसे अधिक खतरा 18 से 55 वर्ष के लोगों में पाया गया.
Tuesday, March 20, 2012
मूंग दाल सूप के फायदे...
एक कप मूंग दाल सूप में लगभग 150 कैलोरी होती है.
साथ ही इसमें 18 ग्राम कार्बोहाइड्रेट ,5 ग्राम फैट और 7 ग्राम प्रोटीन होता है.
Tuesday, February 7, 2012
शिशु के लिए उचित आहार :-

जन्म से 6 माह तक :-
केवल माँ का दूध.
6 माह की उम्र से :-
सूजी,आटे की बनी पतली चीजें,चावल पका व मसला हुआ.रागी,ज्वार आदि की बनी चीजें. इसमें घी या खाने वाला तेल मिला सकते हैं.
पपीता,आम,पका केला मसल कर खिलाएं.
शुरू में इसकी मात्रा 1 या 2 चम्मच हो और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 50 -60 ग्राम यानी आधा कप कर दें.
6 माह से 9 माह की उम्र तक :-
दाल,चावल,खिचड़ी,दाल या दूध से भीगी हुई थोड़ी रोटी,दही,पकी एवं मसली हुई सब्जियां,मसले हुए फल. खाने को ज्यादा फायदेमंद बनाने के लिए उसमें हरी सब्जी व घी डालें. (ध्यान रखें - यह सब माँ के दूध के अलावा देना है.)
इस तरह का भोजन दिन में कम से कम 4 से 5 बार दिया जाये.
1 वर्ष से 2 वर्ष तक :-
इस उम्र में बच्चे मुलायम खाने को चबा सकते हैं,अत: अब खाने को मसलने की जरूरत नहीं. चाहे तो खाने की चीजों के छोटे-छोटे टुकड़े कर दें और धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाते जाएँ.
1 से 2 साल का बच्चा माँ के भोजन की मात्रा का कम से कम आधी मात्रा तक भोजन खा सकता है.
-- याद रखें :- माँ का दूध कम से कम 2 साल तक बराबर देते रहें.
Thursday, January 26, 2012
ऐसे दूर करें मुंहासों के दाग.....
कच्चा आंवला कूट-पीस कर मुंहासे के दाग पर लगाकर मसलने से मुंहासों के दाग दूर हो जाते हैं.
Thursday, January 5, 2012
अधिक दस्त होने पर यह नुस्खा आजमायें :-
-- मेथी के पत्तों का रस 50 ग्राम.
-- 15 -20 ग्राम मिश्री.
इस दोनों को मिलाकर पी जाएँ . सुबह-शाम दो बार पियें. यह उपाय दस्त रोकने में फायदेमंद है.
Wednesday, December 28, 2011
बवासीर :- एक खतरनाक व्याधि....
खूनी बवासीर - खुनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है,इस बवासीर में किसी प्रक़ार की तकलीफ नही होती है केवल खून आता है।
बादी बवासीर - बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है,और मस्सों में खुजली,दर्द और सूजन होती है.
-- बवासीर के कारण :
बवासीर होने का प्रमुख कारण है लम्बे समय तक कठोर कब्ज बने रहना। जिन्हें भारी वजन उठाने पड़ते हों,- जैसे कुली, मजदूर, भारोत्तलक आदि उनमें भी इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक होती है। शराब, मांस, अण्डा, प्याज , लहसुन, मिर्च, मसाले का अति सेवन, रात्रि जागरण. किसी जुलाब की गोली का अधिक दिनॊ तक सेवन करना . आहार - विहार मे अनिमियता. इसके साथ ही जंक फ़ूड का बढता हुआ चलन और व्यायाम का घटता महत्व भी बवासीर के रोगियों को बड़ा रहा है.
-- चिकित्सा :
- सबसे पहले कब्ज दूर कर मल त्याग को सामान्य और नियमित करना जरूरी है। इसके लिए तरल पदार्थों,फलों, हरी सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए। तली हुई चीजें, मिर्च-मसालेदार,गरिष्ठ भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।अनियमित दिनचर्या से बचना चाहिए.मलत्याग के समय जोर न लगाना चाहिए. नियमित व्यायाम और शारिरिक गतिशीलता को बनाये रखना चाहिए ।
- सुबह-शाम शौच जाना लाभकारी है. शौच के बाद स्वमूत्र से गुदा को धोना चाहिए। एक शीशी या डिब्बे में अपना मूत्र लेकर रख लेना चाहिए। इसके बाद गुदा को पुनः पानी से नहीं धोना है सिर्फ हाथ धो लेना है। गुदा में लगा मूत्र थोड़ी ही देर में सूख जाता है।यह उपाय गुणकारी है. बवासीर की प्रारंभिक अवस्था में यह प्रयोग करने से बवासीर से छुटकारा मिल जाता है।
- सुबह, शाम व सोते समय रूई के फाहे को 'कासीसादि तेल' में डुबोकर गुदा के मस्सों पर 3-4 माह तक या पूरा आराम होने तक प्रतिदिन लगाएं.
- एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह- शाम शहद के साथ लेने से बवासीर में लाभ मिलता है,इससे पेट के अन्य रोग भी दूर होते है.
- ताजा मक्खन और काले तिल दोनो एक - एक ग्राम को मिलाकर खाने से बवासीर में फ़ायदा होता है.
Saturday, December 24, 2011
बड़े काम का मक्खन
लेबल:
2008,
एंटी कैंसर,
गुण,
ट्यूमर,
फंगल,
मक्खन,
यूनीवर्सिटी,
शोध,
संक्रमण
Thursday, December 1, 2011
WORLD AIDS DAY SPECIAL :- Things to be done even if one is HIV Positive
-- Good nutrition
-- Quit smoking
-- Exercise
-- Take life easy-reduce stress levels
-- Avoid alcohol and drugs,these weaken your resistance to infection
-- Relax-get enough sleep and rest
-- Hygiene- Maintain good personal hygiene to prevent other infections from setting in
-- Safe sex-persistent use of condom is a MUST.
Monday, November 7, 2011
Saturday, October 22, 2011
प्याज - 13 प्रकार के बैक्टीरिया रोकने में सहायक...
ई-कोलाई,
सेलेमोनेला,
बैसीलस सबतिलिस.
-- प्रतिदिन प्याज खाने से मुंह में होने वाली अनेक रोगों से बचा जा सकता है.
लेबल:
ई-कोलाई,
क्षमता,
प्याज,
बचाव,
बैक्टीरिया,
मुंह के रोग,
मुख्य
Saturday, September 24, 2011
पाचन तन्त्र को मजबूत बनाती है इमली...
लेबल:
इमली,
एंटी ओक्सीडेंटस,
डाईट,
पाचन तन्त्र,
फाइबर,
बीमारी,
मजबूत,
लीवर
Sunday, September 18, 2011
आश्चर्यजनक ह्रदय...
Monday, August 29, 2011
रक्त में ऐसे बढ़ाएं RBC यानि लाल रक्त कोशिकाएं.
लेबल:
RBC,
करेला,
खाली पेट,
नींबू,
ब्लड,
मेटाबालिज्म,
रक्त,
रस,
लाल रक्त कोशिकाए,
शरीर
Monday, July 18, 2011
रोग निवारक 10 रामबाण नुस्खे...
1 . अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कब्ज से परेशान रोगी के लिये रामबाण औषधि है। इन फ़लों में पर्याप्त रेशा होता है तथा ये आंतों को शक्ति प्रदान करते हैं। मल आसानी से विसर्जित होता है.
2 . प्रतिदिन एक लहसुन की कली चबाकर खाने से दांत- दर्द से छुटकारा मिलता है.
3 . नीबू हृदय रोगों में गुणकारी फ़ल है। यह रक्तवाही नलिकाओं में कोलेस्टरोल जमने नहीं देता है। एक गिलास सामान्य गर्म पानी में एक नीबू निचोडें ,इसमें 2 चम्मच शहद मिलाएं और पी जाएं। यह प्रयोग सुबह करना चाहिये.
4 . पीसी हुई अलसी को ठंडे पानी में मिलाकर उसका लेप बनाकर सर के ऊपर लगाने से सिर दर्द से राहत मिलती है .
5. खांसी में तुलसी की पत्तियों व अदरक को पीसकर शहद के साथ मिलाकर चाटने से लाभ मिलता है.
6. सर्दी - जुकाम होने पर तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से राहत मिलती है। तुलसी का अर्क तेज बुखार को कम करने में भी कारगर साबित होता है.
7 . पुदीने के २ चम्मच रस में काला नमक डालकर पीने से उदर विकार,गैस तथा पेट के कीडे नष्ट हो जाते हैं.
8 . नीम की छाल पानी में घिस कर फोडे-फुंसियों पर लगाने से ठीक हो जाते हैं.
9 . रात में सोते समय पैरों के तलवों में सरसों का तेल लगाने से अनिद्रा से छुटकारा मिलता है.
10 . रात में सोने से पहले सरसों के तेल को नाभि पर लगाने से होंठ नहीं फटते हैं .
लेबल:
अनिद्रा,
कब्ज,
कोलेस्ट्रोल,
दांत-दर्द,
फोड़े-फुंसी,
बुखार,
सिर-दर्द
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